पाकिस्तान में तीन हिंदुओं के बच्चों को जिंदा जलाया, घर में लगाई आग

पाकिस्तान में तीन हिंदुओं के बच्चों को जिंदा जलाया, घर में लगाई आग
   
मुस्लिमों द्वारा सिंध प्रांत में दो स्थानों पर हिंदुओं के मकानों में आगजनी की गई, जिसमें तीन मासूम बच्चों को जिंदा जलाकर राख कर दिया गया। बच्चों के शव इस कदर झुलस गए कि पहचानना तक मुश्किल है। लेकिन पाकिस्तानी मीडिया ने इस पूरी घटना को दबा दिया

कोरोना वायरस से जब विश्व के अधिकांश देश बुरी तरह प्रभावित हैं। प्रतिदिन हजारों लोगों की मौत हो रही है। सरकार की नाकामियों के कारण यह जानलेवा रोग पड़ोसी पाकिस्तान में कुछ अधिक अनियंत्रित हो गया। मगर ऐसे समय में भी यहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर ज्यादातियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हफ्ताभर पहले यहां से राहत सामग्रियों के वितरण में हिंदुओं से भेदभाव करने की खबरें आई थीं, जिसने पाकिस्तान के चेहरे को विश्व के सामने बेनकाव किया था। अभी यह खबर ठंढी भी नहीं पड़ी है कि यहां से एक और चिंता बढ़ाने वाला समाचार आया है।

बीते दिन मुस्लिमों द्वारा सिंध प्रांत में दो स्थानों पर हिंदुओं के मकानों में आगजनी की गई, जिसमें तीन मासूम बच्चों की झुलसने से मौत हो गई और मवेशी सहित घर का सारा सामान राख के ढेर में बदल गया।

बच्चों के शव इस जल गए कि उन्हें पहचानना मुश्किल हो गया। इस घटना में एक महिला भी बुरी तरह घायल हुई है। स्थानीय पुलिस का एक घटना के मामले में कहना है कि स्टोव फटने से यह हादसा हुआ है। जबकि अधिवक्ता एवं एक्टिविस्ट राहत आउस्तीन पुलिस के तर्कों का खंडन करते हैं। उनका कहना है कि घटनास्थल से मिले संकेत और कोरोना वायरस को लेकर हंगामी हालत में 24 घण्टे के भीतर हिंदू बहुल प्रांत सिंध में दो स्थानों पर हिंदुओं के मकानों में आगजनी एक षड्यंत्र ही है। इन मामलों की जांच कराने का पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद बारी खान पटाफी ने वादा किया था, पर अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

आगजनी की पहली घटना सिंध के थारपारकर के तहसील छछडो के गांव उम्मेद अली रिंधी में हुई थी। यहां कटृटरपंथियों द्वारा हिंदुओं के सात घरों में आग लगा दी गई, जिससे वहां रखा सारा सामान खाक हो गया। इस घटना के 24 घण्टे के भीतर ही सिंध के घोटकी जिले के शकील महार के निकट दाद लेघारी गांव में रहने वाले पांच हिंदुओं के घर में आग लग गई। इस हादसे में अपने घर में सो रहे तीन बच्चों की बुरी तरह झुलसने से मौत हो गई। इनमें दो लड़के और एक बच्ची थे। पाकिस्तान के दुनिया टीवी के अनुसार, तीनों मृतक बच्चे हिंदू हैं। घटना के बाद मौके का मुआयना कर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद बारी खान पटाफी ने मामले की नए सिरे से जांच कराने का वादा किया था। अधिकवक्ता राहत कहते हैं कि स्थानीय पुलिस घटना को केरोसिन स्टोव फटने का परिणाम बता रही है। मगर घटनास्थल का निरीक्षण करने से साफ लगता है कि मकानों में जान बूझकर आग लगाई गई है। अराजक तत्वों ने घटना को अंजाम देते समय इस बात का ख्याल रखा कि मानव के साथ घरों के सामान और ढोर डंगर भी न बच पाएं। वकील की माने तो इस घटना को दबा दिया गया था। उनके ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर किसी तरह खबर स्थान पाने में सफल रही, पर मुख्य धारा का मीडिया तो इसे बिल्कुल निगल गया।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। बात, बेबात उन पर आक्रमण करना, धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाना, महिला, पुरुषों का अपहरण कर उन्हें कन्वर्ट करना, आज के पाकिस्तानी हिंदुओं की नियति बन गई है।

Comments