तबलीगी और वामपंथी : सच क्यों न बताया जाए.....?
तबलीगी और वामपंथी : सच क्यों न बताया जाए.....? इस्लामी देश मलेशिया खुलकर बता रहा है कि कोरोना संक्रमितों में तबलीगियों का प्रतिशत कितना है.भारत में तथाकथित सेकुलर-लिबरल-प्रोग्रेसिव, संक्षेप में वामपंथी चाहते हैं कि ये सच छिपाया जाए. अपने पुराने तौर-तरीकों के साथ ये गिरोह मैदान में कूद पड़ा है. लॉकडाउन के खिलाफ छेड़ा जिहाद वामपंथी चाहते हैं कि कोरोना संक्रमित तबलीगी जमातियों की संख्या अलग से न बतलाई जाए. दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने भी ऐसा ही कहा है. तमिलनाडु सरकार ने तो जमाती संक्रमितों को “सिंगल सोर्स” कहना भी शुरू कर दिया है. हालांकि इससे सिर्फ इतना ही हुआ कि लोगों को जमातियों के लिए एक और संबोधन मिला गया. लेकिन तमिलनाडू सरकार को “सिंगल सोर्स” की ऐसी सनक कि कोरोना फैलाने में तबलीगी जमात की हिस्सेदारी का विश्लेषण करने के ‘जुर्म’ में एक ब्लॉगर मरिदास पर एफआईआर दर्ज कर दी गई है. हालांकि इस्लामी देश मलेशिया खुलकर बतला रहा है कि कोरोना संक्रमितों में तबलीगियों का प्रतिशत कितना है. तबलीगी वहां भी अव्वल आ रहे हैं. मलेशिया के नए कोरोना संक्रमितों में लगभग आधे वामपंथियों और छद्म सेकुलरों के...